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भाप में पकाया अप्पम कैसे बनाते हैं। banana rice steamed cake

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 भाप में पकाया अप्पम रेसिपी banana appam, banana rice steamed cake अप्पम चावल से बनाया जाने वाला एक खाद्य है।  केरल में कई तरह के अप्पम बनाए जाते हैं। जो  नारियल एवं चावल से बनते हैं। केला के साथ मिलाकर बनाया जाने वाला यह अप्पम नरम और जालीदार होता है। यह अप्पम चावल के आटे से बनाते हैं। सामग्री चावल का आटा 3 कटोरी गेहूं का आटा 1 कटोरी दही 1 कटोरी पका केला 4 शक्कर 1/2 कटोरी जीरा 1 चम्मच कुटी हुई नारियल किसा हुआ 1/2 कटोरी  इलायची2से3 कुटी हुई खाने का सोडा 1/2 चम्मच, इनो का भी प्रयोग किया जा सकता है पानी आवश्यकतानुसार विधि एक भगोना में चावल का आटा, गेहूं का आटा, दही मिला लेंगे। केले को हाथों से मसलकर इसमें मिला लेंगे। नारियल,शक्कर और जीरा कुटी हुई मिला लेंगे। पानी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मिलाकर मिश्रण को मिला लेंगे। मिश्रण इडली के घोल से ज्यादा गाढ़ा होना चाहिए। इसे 20 मिनट के लिए रखेंगे।  चावल का आटा पानी को सोख सके। इस मिश्रण को 2 से 3 घंटे रखने पर बेहतर तरीके से इसमें खमीर उठेगा और यह अप्पम बहुत स्पंजी बनेगा। यदि समय नहीं है, तो 20 मिनट के बाद इसे बना सकते हैं। 20...

इडियप्पम कैसे बनाते हैं।How to make idiyappam

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 इडियप्पम कैसे बनाते हैं How to make idiyappam इडियप्पम रेसिपी चावल से कई प्रकार के भोज्य पदार्थ बनाए जाते हैं चावल को पीसकर आटे के रूप में उपयोग कर अप्पम और भाप में पकाया हुआ भोज्य पदार्थ बनाया जाता है। केरल में चावल का उपयोग बहुतायत में किया जाता है। इडियप्पम चावल से बनने वाला खाद्य पदार्थ है, यह चावल के आटे से बनाया जाता है। जिसे भाप में पकाया जाता है।इडियप्पम में इडि का अर्थ है दबाकर बनाये जाने वाला अप्पम। इसे नूल पुट्टू भी कहते हैं। इडियप्पम बनाने के लिए सामग्री चावल का आटा 3 कटोरी पानी आवश्यकतानुसार नमक स्वादानुसार किसा हुआ नारियल 1 कटोरी विधि इडियप्पम बनाने के लिए एक बर्तन में पानी गर्म करेंगे। गुनगुना गर्म होने पर उतार लेंगे। एक भगोना लेंगे। उसमें तीन कटोरी चावल का आटा डालेंगे। नमक स्वाद अनुसार डालेंगे। अब गुनगुना गर्म पानी डालकर नरम आटा गूंथ लेंगे। आटा ज्यादा कड़क और ज्यादा नरम नहीं होना चाहिए। इतना नरम होना चाहिए कि सेव बनाने वाले सांचे में डालने के बाद आसानी से दबाया जा सके। विषु कट्टा coconut rice cake रेसिपी आटा तैयार होने के बाद इडली कुकर में इडली के सांचे में  त...

बन डोसा कैसे बनाते हैं।How to make Bun Dosa

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 बन डोसा रेसिपी Bun Dosa recipeबनाना दक्षिण भारतीय भोजन में डोसा सर्वाधिक लोकप्रिय है। डोसा कई प्रकार के बनाए जाते हैं। सादा डोसा, पेपर डोसा, मसाला डोसा और भी कई वैरायटी कई तरीकों से बनाया जाता है। बन  डोसा  स्पंजी मुलायम और जालीदार होता है। यह बनाने में आसान है।  बिना उड़द के बन डोसा बनाया जा सकता है। बन डोसा ब्रेड की तरह फुला फुला होता है। इसीलिए इसे बन डोसा कहते हैं।  बन या ब्रेड जैसे दिखने वाला डोसा बनाने के लिए सामग्री *चावल डेढ़ कटोरी *पका चावल 1 कटोरी *पोहा1 कटोरी *नमक स्वाद अनुसार  *तेल 1/2 कटोरी *हरी मिर्च 2 से 3 *जीरा1 चम्मच *कड़ी पत्ता 10 से 12 तेन मिठाई कैसे बनाते हैं  इसे भी पढ़ें *विधि* बन डोसा बनाने के लिए चावल को 2 से3 घंटे तक पानी में भिगो लेंगे। 2 से 3 घंटे के बाद चावल को धोकर निकाल लेंगे। मिक्सी के जार में डालकर पीस लेंगे। इसमें ज्यादा पानी नहीं मिलाना है। थोड़ा थोड़ा पानी डालकर पीस लेंगे। पके हुए चावल और पोहा जार में डाल देंगे। इसे भी साथ में पीस लेंगे। पिसा हुआ मिश्रण मोटा और गाढ़ा होना चाहिए। इसमें पानी की मात्रा कम रहनी है। अब इस...

चने दाल की खीर कैसे बनाते हैं।haw to make chickpea lentils Kheer

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 चना दाल की खीर बनाना making chickpea lentils kheer चना दाल की खीर बहुत आसानी से बनने वाला खीर है। इसमें चना दाल का उपयोग किया जाता है। चना दाल सभी घरों में लगभग उपलब्ध रहता है। चना दाल की खीर बहुत जल्दी बन जाती है। चना दाल की खीर बनाने सामग्री*** चना दाल भिगोया हुआ 2 कटोरी शक्कर 2 कटोरी घी 3 बड़े चम्मच  दूध 1/2 लीटर इलायची पाउडर 1/2छोटी चम्मच सोंठ पाउडर 1/2छोटी चम्मच सेवई 1 कटोरी काजू किशमिश 12 से 15 अरवाना पायसम खीर विधि***  चना दाल को पानी में आधा से 1 घंटे तक भिगोए। 1 घंटे के बाद कुकर में डालकर दो गिलास पानी मिलाकर तीन सीटी तक पकाएं। तीन सीटी के बाद कुकर उतार कर रख दे। एक कढ़ाई या सॉस पैन में घी गर्म करेंगे। काजू किशमिश डालकर हल्का भूरा होने पर तल कर निकाल लेंगे। बारीक सेवई घी में तल कर निकाल लेंगे।  एक मोटी तली वाले बर्तन में दूध गर्म करेंगे। उबाल आने पर बारीक सेवई डालकर नरम होने तक पकाएं। सेवई नरम हो जाने के बाद पकी हुई चने की दाल मिलाएंगे। शक्कर, इलायची पाउडर डालकर चम्मच से चलाते हुए पकाना है। शक्कर अपने स्वाद के अनुसार मिला सकते हैं। शक्कर घुल जाने पर सोंठ पा...

कच्चे आम को सुरक्षित कैसे रखें How to preserve raw mangoes

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 कच्चे आम का परिरक्षण या सुरक्षित रखना Preserving raw mangoes  कच्चे आम को साल भर सुरक्षित कैसे रख सकते हैं गर्मियों के मौसम में आम खूब मिलते हैं। मौसम के समाप्त होने पर आम बाजार से नदारद हो जाते हैं। कुछ आम के किस्मों को छोड़कर पुनः गर्मियों में आम मिलते हैं। आम को सुरक्षित या परिरक्षित किया जा सकता है। बिना तेल मसालों के कच्चे आम को नमक के द्वारा सुरक्षित रखा जा सकता है। नमक के उपयोग द्वारा आम 1 वर्ष से अधिक समय तक सुरक्षित रहता है। खड़ा नमक या नमक के ढेले के द्वारा आम को सुरक्षित रखने से आम खराब नहीं होते हैं। स्वाद में भी परिवर्तन नहीं होता है। इस तरह कच्चे आम को सुरक्षित रखने के लिए पानी उबालकर ठंडा कर उसका उपयोग किया जाता है। इसमें अन्य कोई सामग्री का उपयोग नहीं किया जाता है। केरल में परंपरागत रूप से इस तरह आम को बहुत समय के लिए सुरक्षित रखा जाता है। इसमें विशेष रूप से मिट्टी से बने मटकी का उपयोग किया जाता है। मोटे मिट्टी के मटकी जो चौड़े मुंह वाले होते हैं, मटकी का उपयोग आम को रखने के लिए किया जाता है। अरवाना पायसम खीर  यह भी पढ़ें * सामग्री* *कच्चा आम 8 से10 ...

रागी मिल्क शेक रेसिपी ragi milk shake recipe

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  रागी मिल्क शेक रेसिपी बनाना ragi milk shake recipe रागी finger millet एक मोटा अनाज है। इसे रागी मडवा और मंडिया कहते हैं। छत्तीसगढ़ के   बस्तर में इसे मंडिया कहते हैं। यह सरसों के दाने की तरह लाल भूरे रंग के होते हैं। यह फाइबर युक्त होता है। मधुमेह और दिल को स्वस्थ रखने में रागी उत्तम है। रागी के बीज में प्रोटीन आयरन कैल्शियम पाया जाता है। रागी के आटे से डोसा, इडली, हलवा, खीर आदि खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं। रागी के आटे और चावल को एक साथ पकाया जाता है।इस तरह मंडिया पेज बनाया जाता है, यह बस्तर में बहुत लोकप्रिय है। मंडिया पेज को पीने से गर्मी और लू से बचाव होता है। रागी मिल्क शेक कैसे बनाते हैं ब्रेड मलाई चाप  पढ़ें मिल्क शेक बनाने के लिए रागी के पाउडर का  उपयोग किया जाता है। रागी के आटा बनाने के लिए रागी को धोकर सुखा कर  पीसकर पाउडर बना लेते हैं। रागी के आटे को पानी में मिलाकर घोल लिया जाता है। इस तरह घोल बना लेते हैं। सामग्री रागी का आटा या पाउडर एक छोटी कटोरी पानी तीन गिलास उबला हुआ दूध डेढ़ गिलास  शक्कर 1 कटोरी बादाम 12 से 15 काजू 12 से 15 इलायची 2 ...

एलोवेरा का शरबत

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 एलोवेरा का शरबत एलोवेरा को घृतकुमारी, ग्वारपाठा,घी कुमारी आदि नाम से जाना जाता है। यह गहरे हरे रंग का पौधा है इसके पत्ते मांसल और  गूदेदार होते हैं। एलोवेरा के बहुत फायदे हैं। इसमें विटामिन, फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम आदि पोषक तत्व रहता है। एलोवेरा पेट, त्वचा, सनबर्न, और बालों के लिए फायदेमंद है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। एसिडिटी, कब्ज, पेट के अल्सर में फायदा करता है। कोलेस्ट्रॉल को कम करता है आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसका वर्णन है। एलोवेरा से जहां फायदे हैं, वहीं इसके कुछ नुकसान भी हैं। इसके सेवन से डायरिया हो सकता है। यह रेचक होता है। गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक होता है। इसके ज्यादा मात्रा में सेवन से पेट में जलन मरोड़ होता है। और  त्वचा में जलन भी हो सकती है। इसमें पाए जाने वाले लैक्सेटिव पदार्थ के कारण डीहाइड्रेशन भी हो सकता है। औषधि के रूप में एलोवेरा का उपयोग करते समय  30 मिली जूस पी सकते हैं। नारियल मसाला कप्पा एलोवेरा का शरबत कैसे बनाते हैं सामग्री एलोवेरा की पत्तियां एक बड़ी पत्ती या छोटी है तो दो ले सकते हैं  गुड आधा कटोरी  अदरक 1 इंच का ...